IPO से पहले रेवेन्यू डायवर्सिफिकेशन पर NSE की नजर; ऑप्शंस ट्रेडिंग के इतर SIFs, कमोडिटीज और ETFs पर बढ़ाएगा फोकस

NSE का IPO 17 सितंबर, 2026 को खुलेगा। एक्सचेंज ऑप्शंस ट्रेडिंग पर निर्भरता कम करने के लिए SIFs, कमोडिटीज और ETFs जैसे क्षेत्रों में अपनी आय के स्रोतों का विस्तार करने की योजना बना रहा है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) का ऐलान कर दिया है, जो 17 सितंबर, 2026 को सार्वजनिक सदस्यता के लिए खुलेगा।
NSE का IPO पूरी तरह 12.64 करोड़ शेयरों की बिक्री पेशकश (OFS) है, जिसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, SBI कैपिटल मार्केट्स समेत अन्य शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। इस इश्यू का मूल्य दायरा ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर तय किया गया है। मूल्य दायरे के ऊपरी स्तर पर IPO का आकार ₹22,568.94 करोड़ से अधिक है।
NSE की आय विविधीकरण रणनीति
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, NSE का प्रबंधन ऑप्शंस ट्रेडिंग के इतर अपने आय के स्रोतों में विविधता लाने पर फोकस कर रहा है। फिलहाल NSE की कुल आय का 90% हिस्सा मुख्य ऑपरेशंस (परिचालन) से आता है, जिसमें से 60% आय ऑप्शंस ट्रेडिंग से प्राप्त होती है।
इसमें इंडेक्स ऑप्शंस की हिस्सेदारी 46%, मंथली इंडेक्स ऑप्शंस की 6% और सिंगल स्टॉक ऑप्शंस की 8% है। अपने रेवेन्यू मॉडल में डायवर्सिफिकेशन लाने के लिए एक्सचेंज विशेष निवेश फंड (SIFs), कमोडिटीज और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) के क्षेत्र में विस्तार करने की योजना बना रहा है।
IPO का विवरण और बाजार में लिस्टिंग
IPO में एंकर निवेशकों के लिए बोली (Anchor Bidding) 16 सितंबर, 2026 को खुलेगी, जबकि आम निवेशकों के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया 17 सितंबर से 21 सितंबर, 2026 तक चलेगी।
NSE के शेयरों की लिस्टिंग BSE पर होगी और सभी IPO-पूर्व निवेशकों पर 6 महीने की लॉक-इन अवधि लागू होगी। एक्सचेंज ने अपने ही प्लेटफॉर्म पर स्व-लिस्टिंग (Self-listing) के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास कोई आवेदन नहीं किया है।
बाजार से जुड़े उपाय और नियामकीय अनुपालन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, NSE के प्रबंध निदेशक और CEO, Ashishkumar Chauhan ने डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग वॉल्यूम को प्रभावित करने वाले नियामकीय उपायों को लेकर उठ रही चिंताओं पर भी बात की।
उन्होंने कहा कि SEBI के पिछले उपायों का शुरुआत में विरोध हुआ था, लेकिन बाद में बाजार की सुरक्षा को लेकर बढ़े भरोसे के कारण इनसे अधिक बाजार भागीदार जुड़े। NSE ने IPO के लिए आवश्यक न्यूनतम शेयरों से संबंधित नियामकीय आवश्यकताओं का भी अनुपालन किया है।
NSE का IPO 17 सितंबर, 2026 को खुलेगा और इसमें 12.64 करोड़ शेयरों की पूरी बिक्री पेशकश शामिल है। IPO का मूल्य दायरा ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर तय किया गया है। एक्सचेंज SIFs, कमोडिटीज और ETFs में विस्तार के जरिए अपनी आय के स्रोतों में विविधता लाने की योजना बना रहा है। फिलहाल उसके परिचालन राजस्व का 60% हिस्सा ऑप्शंस ट्रेडिंग से आता है।
प्रकाशित:: 14 Sept 2026, 11:24 pm IST

Team Angel One
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